Wednesday, April 08, 2026

सिहोरा में विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, 200 से अधिक मरीजों को मिला लाभ

माननीय संतोष वरकड़े जी के मार्गदर्शन में दिनांक 30/03/2026 सिविल अस्पताल सिहोरा में विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर स्व. श्रीमती शकुंतला तिवारी स्मृति सेवा समिति के तत्वावधान में “स्वस्थ गांव से स्वस्थ भारत अभियान” के अंतर्गत सुखसागर मेडिकल कॉलेज, जबलपुर के सहयोग से संपन्न हुआ।
शिविर में विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। इनमें डॉ. सत्येंद्र सोनी (जनरल मेडिसिन), डॉ. आलोक मिश्रा (नेत्र रोग), डॉ. रंजीत लोधी (सर्जरी), डॉ. सोहिल अली (मानसिक रोग), डॉ. आदित्य यादव (जनरल मेडिसिन), डॉ. अजय सैनी (नाक-कान-गला रोग), हिमांशु गुप्ता तथा डॉ. विजया (स्त्री रोग) सहित अन्य विशेषज्ञ शामिल रहे।
शिविर में सामान्य रोग, हड्डी रोग, मानसिक रोग, स्त्री रोग, नेत्र रोग तथा नाक-कान-गला रोग से पीड़ित 200 से अधिक मरीजों का निःशुल्क परीक्षण एवं परामर्श किया गया तथा उन्हें दवाइयाँ भी वितरित की गईं। वहीं गंभीर स्थिति वाले 15 मरीजों को ऑपरेशन हेतु सुखसागर मेडिकल कॉलेज, जबलपुर रेफर किया गया।
इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष डॉ. कार्तिकेय तिवारी ने शिविर के सफल आयोजन में सहयोग देने के लिए ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. आर्शिया खान का आभार व्यक्त किया तथा अस्पताल के समस्त कर्मचारियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

स्वामी प्रज्ञानंद सामुदायिक भवन कटंगी में दिनांक 03/04/2026 विशाल निशुल्क स्वास्थ्य शिविर

माननीय अजय विश्नोई जी (विधायक पाटन) के मार्गदर्शन में नगर परिषद अध्यक्ष श्री अमिताप साहू जी के द्वारा स्वामी प्रज्ञानंद सामुदायिक भवन कटंगी में दिनांक 03/04/2026 विशाल निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन स्व. श्रीमती शकुंतला तिवारी स्मृति सेवा समिति के तत्वावधान में स्वस्थ गाव से स्वस्थ भारत अभियान अंतर्गत सुखसागर मेडिकल कॉलेज जबलपुर के सहयोग से आयोजित किया गया
 जिसमें डॉ सत्येंद्र सोनी, डॉ. पवन , डॉ.विकास लोधी, डॉ तुलसी चौधरी, मोहित कुशवाहा, आकांक्षा बर्मन, आयुष आदि विशेषज्ञों द्वारा समान्य रोग, हड्डी रोग, मानसिक रोग, स्त्री रोग, नेत्र रोग, नाक कान गला रोग आदि के 100 से अधिक मरीजों का निशुल्क परामर्श किया गया एवं 5 मरीजों को ऑपरेशन हेतु सुख सागर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया इस अवसर मे समिति अध्यक्ष डॉ कार्तिकेय तिवारी ने सहयोग हेतु आभार व्यक्त करते हुए नगर परिषद के सभी कर्मचारियों का धन्यवाद किया।

Wednesday, September 03, 2025

"स्वस्थ गांव स्वस्थ देश" अभियान अंतर्गत स्वास्थ्य एवं रक्तदान शिविर 02/09/2025

भारतीय जीवन बीमा निगम के 69 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में दिनांक 02/09/25 को स्व. श्रीमती शकुंतला तिवारी स्मृति सेवा समिति द्वारा ब्लड बैंक मेडिकल कॉलेज के सहयोग से स्वस्थ गांव स्वस्थ देश अभियान अंतर्गत नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण, नेत्र परीक्षण, रक्तदान व रक्त परीक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें 30 कर्मचारियों ने रक्तदान किया एवं 150 अधीकारियों व कर्मचारियों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं नेत्र परीक्षण कर रक्त का परीक्षण भी किया गया इस अवसर पर विपणन प्रबंधक मनोज वर्मा प्रबंधक विक्रय पंकज अवस्थी जी प्रबंधक CLIA पी.एन.शुक्ला जी प्रबंधक रि- इन्वेस्टमेंट विजेन्द्र सिंह जी, ब्लड बैंक प्रभारी डा. शिशिर चनपुरिया जी, आयोजक एवं समिति अध्यक्ष कार्तिकेय तिवारी जी, प्रबंधकारिणी समिति अध्यक्ष डा अधिश्वर जैन जी संयुक्त सचिव शोभित तिवारी जी, हरीश लोधी जी, ब्लड बैंक काउंसलर रितु सिंह जी, नेत्र परीक्षक सौरभ गौतम जी टेक्नीशियन पंकज सोनकुशले जी एवं अशोक सेन जी एवं समस्त अधिकारी व कर्मचारी गण उपस्थित रहे।
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Friday, August 15, 2025

Happy Independence Day 2025

तेरा वैभव अमर रहे मां, हम दिन चार रहें न रहें!

आप सभी को 15 अगस्त, हमारे पवित्र स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। यह दिन हमें उन वीर स्वतंत्रता सेनानियों के अदम्य साहस, त्याग और बलिदान की याद दिलाता है, जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर हमें आज़ादी का अमूल्य उपहार दिया। यह स्वतंत्रता हमारी संस्कृति, पहचान और स्वाभिमान का प्रतीक है।
आइए, इस स्वतंत्रता दिवस पर हम संकल्प लें कि हम सभी पूरी निष्ठा, परिश्रम और ईमानदारी से कार्य कर, राष्ट्र की प्रगति में सक्रिय योगदान देंगे। एकजुट होकर सशक्त, आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत का निर्माण हमारा साझा कर्तव्य है।
जय हिंद, जय भारत।

#IndependenceDay #स्वतंत्रता_दिवस 
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Sunday, August 03, 2025

Heart Transplant Day

💐 Heart Transplant Day - It is celebrated every year on 3 August in India. Attempts to transplant heart in India have been going on for a long time, but the first successful heart transplant took place on 3 August 1994. That is why, in view of this great achievement, Heart Transplant Day is celebrated every year on 3 August in India. The first heart transplant in India was done by surgeon P. Venugopal on 3 August 1994 at the 'All India Institute of Medical Sciences' in Delhi.

#ssstsssamiti #heart #transplant 

Friday, July 25, 2025

ग्राम पंचायत में एक नई सुबह: माहवारी पर बात और धरती का श्रृंगार किया #ssstsssamiti #rsssamitingo

राहत समर्पण सेवा समिति के सयुक्त सचिव व स्व. श्रीमती शकुंतला तिवारी स्मृति सेवा समिति के संस्थापक पंडित कार्तिकेय तिवारी ने राहत शक्ति अभियान मे 
ग्राम पंचायत भवन में एक नई सुबह: माहवारी पर बात की और धरती का श्रृंगार किया।

दिनांक: 18/07/2025
स्थान: ग्राम पंचायत खिरवा न. 2 व जमुआनी कला, विजयराघवगढ  जिला कटनी म.प्र.

यह दिन मेरे लिए अविस्मरणीय बन गया है। सुबह जब मैं ग्राम पंचायत भवन के लिए निकल रही थी, तो मन में एक अजीब सी हलचल, एक उत्साह और थोड़ी सी घबराहट थी। आज मुझे अपने ही गांव की बहनों, माताओं और किशोरियों से एक ऐसे विषय पर बात करनी थी, जिस पर अक्सर हमारे समाज में खामोशी की एक मोटी चादर पड़ी रहती है - मासिक धर्म या माहवारी। इसके साथ ही, हमने मिलकर अपने पंचायत भवन के प्रांगण को हरा-भरा करने का भी संकल्प लिया था। आज का दिन दोहरी खुशी लेकर आया - एक तरफ जहाँ हमने महिलाओं के स्वास्थ्य और सम्मान की बात की, वहीं दूसरी ओर हमने प्रकृति के प्रति अपने कर्तव्य का भी निर्वहन किया।

चुप्पी तोड़ो, स्वस्थ रहो: माहवारी पर सार्थक संवाद

हमारे गांव का पंचायत भवन आज किसी सरकारी दफ्तर जैसा नहीं, बल्कि एक अपने घर के आंगन जैसा लग रहा था, जहाँ लगभग 40-50 महिलाएँ और किशोरियाँ इकट्ठा हुई थीं। शुरुआत में सबके चेहरों पर एक झिझक और संकोच साफ झलक रहा था। विषय ही कुछ ऐसा था। मैंने अपनी बात एक छोटे से सवाल से शुरू की, "हम महिलाएँ घर-परिवार, खेत-खलिहान, हर जिम्मेदारी को कितनी सहजता से निभाती हैं, लेकिन जब अपने ही शरीर से जुड़ी एक बहुत ही स्वाभाविक प्रक्रिया की बात आती है, तो हम चुप क्यों हो जाती हैं?"

बस, मेरा इतना कहना था कि धीरे-धीरे खामोशी की बर्फ पिघलने लगी। मैंने उन्हें समझाया कि मासिक धर्म कोई बीमारी या अभिशाप नहीं, बल्कि एक महिला के स्वस्थ होने का प्रतीक है। यह प्रकृति का एक वरदान है जो उसे माँ बनने का सौभाग्य प्रदान करता है। हमने इस दौरान स्वच्छता के महत्व पर विस्तार से बात की। मैंने उन्हें बताया कि कैसे माहवारी के दिनों में साफ-सफाई न रखने से कई तरह के संक्रमण और बीमारियाँ हो सकती हैं, जो आगे चलकर गंभीर रूप ले सकती हैं।

मैंने महिलाओं को सैनिटरी पैड के इस्तेमाल के फायदे बताए और यह भी समझाया कि अगर वे पैड नहीं खरीद सकतीं, तो घर पर सूती कपड़े को अच्छी तरह धोकर और धूप में सुखाकर कैसे इस्तेमाल कर सकती हैं। धूप में सुखाना क्यों जरूरी है, यह समझाते हुए मैंने उन्हें बताया कि नमी में कीटाणु पनपते हैं, जो संक्रमण का मुख्य कारण बनते हैं। हमने उन मिथकों और भ्रांतियों पर भी खुलकर चर्चा की जो सदियों से हमारे समाज में गहरी जड़ें जमाए हुए हैं - जैसे अचार न छूना, मंदिर में प्रवेश न करना, या खुद को अशुद्ध समझना।
मुझे यह देखकर बहुत खुशी हुई कि धीरे-धीरे महिलाएँ खुलने लगीं। कुछ ने अपने अनुभव साझा किए, तो कुछ ने अपनी शंकाएं और सवाल पूछे। एक किशोरी ने हिम्मत करके पूछा, "दीदी, पेट में इतना दर्द क्यों होता है?" मैंने उसे और बाकी सभी को इस दौरान होने वाले शारीरिक बदलावों और दर्द से निपटने के घरेलू उपायों के बारे में बताया। यह संवाद सिर्फ एक जानकारी सत्र नहीं था, बल्कि एक-दूसरे को समझने और सहारा देने का một अवसर बन गया था। उस दो घंटे की बातचीत ने न केवल महिलाओं को वैज्ञानिक जानकारी दी, बल्कि उन्हें एक आत्मविश्वास भी दिया कि अपने स्वास्थ्य के बारे में बात करना उनका अधिकार है।

धरती का श्रृंगार: एक पौधा भविष्य के नाम

मासिक धर्म पर सार्थक चर्चा के बाद हम सब पंचायत भवन के प्रांगण में इकट्ठा हुए। यहाँ हमारा दूसरा महत्वपूर्ण कार्य इंतजार कर रहा था - वृक्षारोपण। जिस तरह हमने महिलाओं के स्वास्थ्य और जीवन को पोषित करने की बात की थी, उसी तरह अब हम अपनी धरती माँ को भी पोषित करने जा रहे थे।
हमने मिलकर आम, नीम, पीपल और अमरूद जैसे कई फलदार और छायादार पौधे लगाने के लिए गड्ढे खोदे। हर महिला के चेहरे पर एक अलग ही चमक थी। ऐसा लग रहा था मानो वे सिर्फ एक पौधा नहीं, बल्कि अपने गांव के लिए एक स्वस्थ और हरे-भरे भविष्य का बीज रोप रही हों। मैंने उन्हें बताया कि ये पेड़ हमें सिर्फ फल और छाया ही नहीं देंगे, बल्कि ये हमारी हवा को शुद्ध करेंगे, पानी को सहेजेंगे और इस धरती को और भी खूबसूरत बनाएंगे।
जब हम सब मिलकर मिट्टी में पौधे लगा रहे थे और उन्हें पानी दे रहे थे, तो एक अजीब सा सुकून महसूस हो रहा था। उन पौधों में हमें अपने बच्चों का भविष्य नजर आ रहा था। हमने हर पौधे की देखभाल की जिम्मेदारी भी आपस में बांटी। यह सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं था, बल्कि एक सामूहिक संकल्प था, अपने गांव को, अपने परिवेश को बेहतर बनाने का।

निष्कर्ष: एक नई सोच, एक नई शुरुआत

आज का दिन सचमुच में बदलाव का दिन था। हमने ग्राम पंचायत भवन की चारदीवारी के अंदर उस चुप्पी को तोड़ा जो महिलाओं को उनके स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह बनाती है और उन्हें हीन भावना से भर देती है। और फिर उसी भवन के प्रांगण में हमने प्रकृति के साथ अपने रिश्ते को मजबूत किया।

यह कार्यक्रम इस बात का प्रमाण है कि जब एक समुदाय एकजुट होता है, तो सकारात्मक बदलाव की लहर पैदा होती है। माहवारी पर बात करना उतना ही स्वाभाविक है जितना कि सांस लेना और वृक्षारोपण करना उतना ही जरूरी है जितना कि जीवन जीना। आज हमने न केवल महिलाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहने की जानकारी दी, बल्कि हमने मिलकर यह भी संदेश दिया कि एक स्वस्थ समाज का निर्माण तभी हो सकता है, जब हम महिलाओं के सम्मान और प्रकृति के संरक्षण, दोनों को बराबर महत्व दें।

मुझे उम्मीद है कि आज जो हमने बीज बोए हैं - चाहे वो जानकारी के बीज हों या पेड़ों के - वे जल्द ही अंकुरित होंगे और हमारा गांव एक स्वस्थ, सशक्त और हरे-भरे भविष्य की ओर अग्रसर होगा। आज की शाम जब मैं घर लौट रही थी, तो मेरे मन में घबराहट नहीं, बल्कि एक गहरी शांति और संतोष का भाव था। यह संतोष कुछ अच्छा करने का, अपने समाज के लिए एक छोटा सा योगदान देने का था।
कार्यक्रम मे हमारे साथ rssamitingo के अध्यक्ष शारदा प्रसाद साहू, वालिंटियर डायरेक्टर छवि ताम्रकार ssstsssamiti के सयुक्त सचिव शोभित तिवारी हरीश जी मौजूद रहे।

Monday, June 23, 2025

निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर 22/06/2025



आज स्व. श्रीमती शकुंतला तिवारी स्मृति सेवा समिति व सारंग सेवा समिति के द्वारा स्वस्थ गांव स्वस्थ देश अभियान अंतर्गत नि: शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन मां दुर्गा मंदिर प्रांगण में किया गया जिसमें नि: शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण, नेत्र परीक्षण, मुफ्त दवाएं एवं अन्य जांच डा. आदिश्वर सारंग जैन, डा. ऊषा बघेल, डा. सौरव सांबारे, डा. कमल किशोर त्रिपाठी व छवि नेत्र चिकित्सालय की ओर से विनोद मिश्रा जी द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में आयोजक एवं समिति संस्थापक पं. कार्तिकेय तिवारी एवं मां दुर्गा मंदिर समिति अध्यक्ष के.के. शुक्ला जी, आर. के. गोल्हानी, डा. एच.पी. तिवारी, कैलाश शर्मा, आई. एस राजपूत, सुरेश चौहान, सतीश दुबे सुरेश वर्मा, सीताराम पवार, अमिताभ जैन,दौलत सिंह जाटव, मनोज तिवारी एडवोकेट, विकास मंगरुलका, लक्ष्मी शंकर तिवारी जी आदि उपस्थित होकर सभी ने स्वास्थ्य परीक्षण शिविर टीम का पुष्प और श्री फल भेंट कर सम्मानित कर कार्यक्रम को सफल बनाया। 
सप्रेम धन्यवाद!
आयोजक एवं संस्थापक 
पं.कार्तिकेय तिवारी

Sunday, June 01, 2025

अंतरराष्ट्रीय बाल रक्षा दिवस

बाल सुरक्षा (Child Protection) - बच्चों को हर प्रकार की हिंसा, शोषण, उपेक्षा और दुर्व्यवहार से सुरक्षित रखना। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी बच्चे एक सुरक्षित, संरक्षित और सम्मानजनक वातावरण में बड़े हों, जिससे उनका संपूर्ण विकास हो सके।
बाल सुरक्षा का महत्व -
बचपन व्यक्ति के जीवन की सबसे महत्वपूर्ण नींव होती है। यदि बच्चे को इस दौरान सुरक्षा, स्नेह और सही मार्गदर्शन मिले, तो वह एक आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और जिम्मेदार नागरिक बन सकता है। लेकिन यदि उसे हिंसा, शोषण या उपेक्षा का सामना करना पड़े, तो उसका शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास बाधित हो सकता है।

🔐 बाल सुरक्षा के मुख्य क्षेत्र

1. यौन शोषण से सुरक्षा -
POCSO Act (2012) बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण देता है।

2. बाल श्रम से सुरक्षा-
भारत में 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से मजदूरी कराना कानूनन अपराध है।

3. बाल विवाह से सुरक्षा-
18 साल से कम उम्र की लड़कियों और 21 साल से कम उम्र के लड़कों का विवाह गैरकानूनी है।

4.घरेलू हिंसा और उपेक्षा से सुरक्षा-
कई बार बच्चों को घर में ही हिंसा या उपेक्षा का शिकार होना पड़ता है। इसके लिए किशोर न्याय अधिनियम में संरक्षण प्रावधान हैं।

5. ऑनलाइन सुरक्षा-
डिजिटल युग में साइबर बुलींग, ऑनलाइन शोषण, और अश्लील सामग्री से बच्चों की रक्षा करना भी बहुत जरूरी हो गया है।

🛡️ भारत में बाल सुरक्षा के लिए प्रमुख कानून -

| कानून का नाम | उद्देश्य |
| ------------------------------ | ------------------------------------------ |
| किशोर न्याय अधिनियम (2015) | बच्चों को देखभाल, संरक्षण और पुनर्वास देना |
| POCSO अधिनियम (2012) | बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों को रोकना |
| बाल श्रम अधिनियम (2016) | बच्चों को खतरनाक और शोषणकारी काम से बचाना |
| बाल विवाह निषेध अधिनियम (2006) | बाल विवाह को रोकना |

🏢 कार्यरत संस्थाएं -

"चाइल्डलाइन 1098 – बच्चों की मदद के लिए 24x7 हेल्पलाइन"
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR)
यूनिसेफ, सेव द चिल्ड्रन, ssstsssamiti अन्य NGO

📣 आप क्या कर सकते हैं?

किसी भी संदिग्ध शोषण या बाल अधिकार उल्लंघन की चाइल्डलाइन 1098 पर सूचना दें।
अथवा हमारी संस्था की हेल्पलाइन नंबर 9009717267,9009717260 पर संपर्क करें 
बच्चों को उनके अधिकारों के बारे में शिक्षित करें।
स्कूल, समाज और घर में एक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करें।
Donate Now for Child Education with Full Transparency
             शिक्षित गाँव - समृद्ध भारत कार्यक्रम 
आई.डी.बी.आई बैंक
खाता क्रमांक - 0052102000036883
आई.एफ.सी.कोड - IBKL0000052
अधिक जानकारी हेतु संपर्क करे -
9009717267,9009717260,6264948390
#ssstsssamiti

Friday, April 11, 2025

What is Blood Donation and Why Important Blood Donation

रक्तदान 

रक्तदान एक स्वैच्छिक प्रक्रिया है जिसमें व्यक्ति रक्तदान करता है या बायोफार्मास्युटिकल दवाइयों के निर्माण के लिए रक्त देता है। यह जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, खासकर सर्जरी, दुर्घटनाओं और एनीमिया, कैंसर या रक्त विकार जैसी स्थितियों वाले रोगियों के लिए।



रक्तदान के बारे में कुछ मुख्य बातें इस प्रकार हैं:


रक्तदान के प्रकार:

सम्पूर्ण रक्तदान - सबसे आम प्रकार; इसमें रक्त के सभी घटक एकत्र किये जाते हैं।


प्लेटलेट दान (एफेरेसिस) - विशेष रूप से प्लेटलेट्स एकत्र करता है; अक्सर कैंसर रोगियों के लिए उपयोग किया जाता है।


प्लाज्मा दान - प्लाज्मा को अलग कर दिया जाता है और शेष रक्त दाता को वापस कर दिया जाता है।


डबल रेड सेल डोनेशन - लाल कोशिकाओं की दो इकाइयां एकत्र की जाती हैं; इसमें अधिक समय लगता है और इसकी आवश्यकताएं भी अधिक सख्त होती हैं।


पात्रता मानदंड (देश के अनुसार भिन्न हो सकते हैं):

आयु: आमतौर पर 17-65 वर्ष (कुछ स्थानों पर माता-पिता की सहमति से 16 वर्ष की अनुमति है)।


वजन: कम से कम 50 किलोग्राम (110 पाउंड).


अच्छा स्वास्थ्य, हाल ही में कोई संक्रमण नहीं हुआ है।


पिछले 3-6 महीनों में कोई टैटू या छेदन नहीं कराया गया हो।




रक्तदान के लाभ:

जीवन बचाता है - एक दान से तीन लोगों की मदद हो सकती है।


शरीर में हानिकारक लौह भंडार को कम कर सकता है।


निःशुल्क लघु स्वास्थ्य जांच (रक्तचाप, हीमोग्लोबिन स्तर, आदि)।


योगदान और सामुदायिक सेवा की भावना।


देखभाल के बाद के सुझाव:

दान के बाद कुछ मिनट आराम करें।


खूब सारा तरल पदार्थ पीएं.


शेष दिन भारी शारीरिक गतिविधि से बचें।


खोए हुए लाल रक्त कोशिकाओं की पूर्ति के लिए लौह-युक्त खाद्य पदार्थ खाएं।



"रक्तदान करें - जीवन बचाएं"


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"शिक्षित गांव समृद्ध भारत" अभियान

हमारी संस्था स्वर्गीय श्रीमती शकुंतला तिवारी स्मृति सेवा समिति द्वारा शिक्षित गांव समृद्ध भारत अभियान चलाया जा रहा जिसमें अभी कुछ बच्चों को निशुल्क शिक्षा प्रदान किया जा रहा है इस कार्यक्रम में हम र्धीरे-धीरे दादी की पाठशाला का निर्माण करेंगे जहां मुफ्त शिक्षा और शिक्षा सामग्री प्रदान की जाएगी।
शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है, चाहे वह अमीर हो या गरीब। लेकिन हमारे समाज में गरीब बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने में कई अशुद्धियों का सामना करना पड़ता है। यह एक बहुत ही गंभीर विषय है जिस पर ध्यान देना आवश्यक है।
ग्रामीण इलाकों के बच्चों की पढ़ाई एक गंभीर और महत्वपूर्ण विषय है। इसमें कई चुनौतियाँ हैं, लेकिन कुछ समाधान भी हैं जो स्थिति को बेहतर बना सकते हैं। इसकी चुनौतियां व समाधान का आकर्षक झलक नीचे दी गई है:

चुनौतियाँ:
विद्यालय की कमी: कई स्कूलों में शिक्षक की कमी, टॉयलेट, बिजली या पीने का पानी नहीं होता है की स्कूल आज भी जर्जर स्थिति में हो गए है।

ऑनलाइन की कमी: परमाणु वस्तु की संख्या कम होती है और कभी - कभी वे नियमित होती हैउपकरणों की संख्या कम होती है और कभी-कभी वे नियमित रूप से स्कूल नहीं आते हैं।

परिवहन की समस्या: कई इलाके आज भी‌ इतने पिछड़े हैं जहां आवागमन की सुविधा उपलब्ध नहीं है।कुछ दूरी या अन्य स्कूल में बहुत दूर होते हैं ,कुछ या असाधारण में स्कूल बहुत दूर होते हैं, जिससे बच्चों को आने-जाने में दिक्कत होती है।ग्रामीण इलाकों या झुग्गी-बस्तियों में स्कूल दूर होते हैं और उनकी स्थिति अच्छी नहीं होती है।

आर्थिक बाधाएँ: कई बच्चों की पढ़ाई छूटने से परिवार को आर्थिक मदद मिल सकेगी वह अपने बच्चों को कामों में भेजते हैं इस कारण वह अपने बच्चों को विद्यालय नहीं भेजते हैं
भोजन की कमी: किताबें , कई परिवार के लिए
किताबें, यूनी फ़ॉर्म, कॉमर्स, बैग किराने की खरीदारी पाना भी कई परिवारों के लिए मुश्किल होता है।
कई गरीब बच्चे छोटे- मोटे कामों में लग जाते हैं ताकि उनके परिवार की मदद हो सके

डिजिटल संरचना की कमी: ऑनलाइन शिक्षा के लिए लक्ष्य और ऑनलाइन शिक्षा के लिए इंटरनेट की सुविधा की कमी इस डिजिटल युग में भी आज कुछ आदिवासी इलाके हैं जहां नेटवर्क की सुविधा उपलब्ध नहीं है।

परिवार की अनभिज्ञता: कई माता-पिता खुद को पढ़ा-लिखा नहीं पाते, इसलिए बच्चों की पढ़ाई को जरूरी नहीं बताते।

लड़कियों की शिक्षा:
लड़कियों की शिक्षा को लेकर समाज में अभी भी कई भ्रांतियाँ हैं, जिससे उनके परिजन भेजते और वो स्कूल नहीं जा सकतीं।

- समाधान:
सरकारी प्राधिकरण का अधिकारिक प्राधिकारी – मिड - डे माइल्स , मुफ़्त किताब- मिड-डे मील, फ्रीबुक, यूनिफॉर्म जैसी पॉलिसी का लाभ बच्चों तक पहुंचना चाहिए।

साझेदारी- गांव के लोग सामूहिक स्कूल के विकास में भाग लें, तो सकारात्मक बदलाव संभव हैं।

डिजिटल शिक्षा की शुरुआत -- मोबाइल, टीवी या रेडियो के जरिए भी शिक्षा हासिल की जा सकती है।

स्नातक शिक्षा को बढ़ावा –  विशेष अधिसूचना के तहत सभी लड़कियों और लड़कों को स्नातक तक पढ़ाई के लिए प्रेरित करने प्रयास किया जाए।


बच्चों को समान शिक्षा देकर ही हम एक विकसित और समृद्ध समाज बना हैं। जब हर बच्चा पढ़ेगा, तभी देश आगे बढ़ा। हमें सम्मिलित रूप से यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी बच्चा सिर्फ इस कारण से पढ़ाई से वंचित न हो जाए कि वह गरीब है।

बच्चों की शिक्षा: एक जरूरी संघर्ष और समाधान
"हर बच्चे को शिक्षा का अधिकार है, चाहे वह किसी भी वर्ग या जाति व धर्म या संप्रदाय से क्यों न हो।"

"शिक्षा से बड़ा कोई दान नहीं। आओ, मिलकर किसी बच्चे की जिंदगी का दायरा।"

आप भी हमारे साथ इस समाज कल्याण हेतु चलायें जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों में जुड़ कर सहयोग कर सकते हैं 
सहयोग राशि हेतु नीचे दिए गए क्यू आर कोड को स्कैन कर या बैंक खाते में सहयोग राशि भेज सकते हैं।
आई.डी.बी.आई बैंक
खाता क्रमांक - 0052102000036883
आई.एफ.सी.कोड - IBKL0000052
अधिक जानकारी हेतु संपर्क करे -
9009717267,9009717260,6264948390

#ssstsssamiti 



Friday, January 03, 2025

SSSTSSSMAITI की एक नई पहल "आपका स्वास्थ्य हमारी ज़िम्मेदारी 💯 स्वास्थ्य गांव स्वास्थ्य देश"

 स्वर्गीय श्रीमती शकुंतला तिवारी स्मृति सेवा द्वारा एक नई पहल की गई जिसमें "आपका स्वास्थ्य हमारी ज़िम्मेदारी 💯 स्वास्थ्य गांव स्वास्थ्य देश" का नारा दिया गया जिसका उद्देश्य है कि हमारे इस खूबसूरत भारत देश के हर गांव का नागरिक स्वास्थ्य रहे ताकि वह समृद्ध और शिक्षित हो इस उद्देश्य के लिए हर नि: शुल्क स्वास्थ्य शिविर की आयोजन किया जा रहा है जिसमें मुफ्त परामर्श, नेत्र जांच‌ और आवश्यकतानुसार दवाइयों का भी वितरण किया जा रहा जिसमें ग्राम पंचायत सरपंच सचिव के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचार कर सभी तक जानकारी पहुंचाया जा रहा जिससे ग्रामवासी भी अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो कर शिविर में आ कर अपना इलाज करा रहे हैं।

अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए गए नंबर व सोशल मीडिया पर मैसेज कर भी प्राप्त कर सकते हैं 
9009717260,9009717267

थैलेसीमिया मुक्त भारत के उद्देश्य से जबलपुर में युवा‌ समाजसेवी देवांश दुबे द्वारा रक्तदान

Date - 11/05/2024
Devansh Dubey Donated 1 Unit O+ Blood at Blood Bank Govt.NSCB Medical College Jabalpur for Thaleseamia 
Paisent Shivam Bajaj 
Attender Name - Vikram Bajaj
Contact Number - 7898110088

सिहोरा में विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, 200 से अधिक मरीजों को मिला लाभ

माननीय संतोष वरकड़े जी के मार्गदर्शन में दिनांक 30/03/2026 सिविल अस्पताल सिहोरा में विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। यह शिव...