Monday, June 23, 2025

निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर 22/06/2025



आज स्व. श्रीमती शकुंतला तिवारी स्मृति सेवा समिति व सारंग सेवा समिति के द्वारा स्वस्थ गांव स्वस्थ देश अभियान अंतर्गत नि: शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन मां दुर्गा मंदिर प्रांगण में किया गया जिसमें नि: शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण, नेत्र परीक्षण, मुफ्त दवाएं एवं अन्य जांच डा. आदिश्वर सारंग जैन, डा. ऊषा बघेल, डा. सौरव सांबारे, डा. कमल किशोर त्रिपाठी व छवि नेत्र चिकित्सालय की ओर से विनोद मिश्रा जी द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में आयोजक एवं समिति संस्थापक पं. कार्तिकेय तिवारी एवं मां दुर्गा मंदिर समिति अध्यक्ष के.के. शुक्ला जी, आर. के. गोल्हानी, डा. एच.पी. तिवारी, कैलाश शर्मा, आई. एस राजपूत, सुरेश चौहान, सतीश दुबे सुरेश वर्मा, सीताराम पवार, अमिताभ जैन,दौलत सिंह जाटव, मनोज तिवारी एडवोकेट, विकास मंगरुलका, लक्ष्मी शंकर तिवारी जी आदि उपस्थित होकर सभी ने स्वास्थ्य परीक्षण शिविर टीम का पुष्प और श्री फल भेंट कर सम्मानित कर कार्यक्रम को सफल बनाया। 
सप्रेम धन्यवाद!
आयोजक एवं संस्थापक 
पं.कार्तिकेय तिवारी

Sunday, June 01, 2025

अंतरराष्ट्रीय बाल रक्षा दिवस

बाल सुरक्षा (Child Protection) - बच्चों को हर प्रकार की हिंसा, शोषण, उपेक्षा और दुर्व्यवहार से सुरक्षित रखना। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी बच्चे एक सुरक्षित, संरक्षित और सम्मानजनक वातावरण में बड़े हों, जिससे उनका संपूर्ण विकास हो सके।
बाल सुरक्षा का महत्व -
बचपन व्यक्ति के जीवन की सबसे महत्वपूर्ण नींव होती है। यदि बच्चे को इस दौरान सुरक्षा, स्नेह और सही मार्गदर्शन मिले, तो वह एक आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और जिम्मेदार नागरिक बन सकता है। लेकिन यदि उसे हिंसा, शोषण या उपेक्षा का सामना करना पड़े, तो उसका शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास बाधित हो सकता है।

🔐 बाल सुरक्षा के मुख्य क्षेत्र

1. यौन शोषण से सुरक्षा -
POCSO Act (2012) बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण देता है।

2. बाल श्रम से सुरक्षा-
भारत में 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से मजदूरी कराना कानूनन अपराध है।

3. बाल विवाह से सुरक्षा-
18 साल से कम उम्र की लड़कियों और 21 साल से कम उम्र के लड़कों का विवाह गैरकानूनी है।

4.घरेलू हिंसा और उपेक्षा से सुरक्षा-
कई बार बच्चों को घर में ही हिंसा या उपेक्षा का शिकार होना पड़ता है। इसके लिए किशोर न्याय अधिनियम में संरक्षण प्रावधान हैं।

5. ऑनलाइन सुरक्षा-
डिजिटल युग में साइबर बुलींग, ऑनलाइन शोषण, और अश्लील सामग्री से बच्चों की रक्षा करना भी बहुत जरूरी हो गया है।

🛡️ भारत में बाल सुरक्षा के लिए प्रमुख कानून -

| कानून का नाम | उद्देश्य |
| ------------------------------ | ------------------------------------------ |
| किशोर न्याय अधिनियम (2015) | बच्चों को देखभाल, संरक्षण और पुनर्वास देना |
| POCSO अधिनियम (2012) | बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों को रोकना |
| बाल श्रम अधिनियम (2016) | बच्चों को खतरनाक और शोषणकारी काम से बचाना |
| बाल विवाह निषेध अधिनियम (2006) | बाल विवाह को रोकना |

🏢 कार्यरत संस्थाएं -

"चाइल्डलाइन 1098 – बच्चों की मदद के लिए 24x7 हेल्पलाइन"
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR)
यूनिसेफ, सेव द चिल्ड्रन, ssstsssamiti अन्य NGO

📣 आप क्या कर सकते हैं?

किसी भी संदिग्ध शोषण या बाल अधिकार उल्लंघन की चाइल्डलाइन 1098 पर सूचना दें।
अथवा हमारी संस्था की हेल्पलाइन नंबर 9009717267,9009717260 पर संपर्क करें 
बच्चों को उनके अधिकारों के बारे में शिक्षित करें।
स्कूल, समाज और घर में एक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करें।
Donate Now for Child Education with Full Transparency
             शिक्षित गाँव - समृद्ध भारत कार्यक्रम 
आई.डी.बी.आई बैंक
खाता क्रमांक - 0052102000036883
आई.एफ.सी.कोड - IBKL0000052
अधिक जानकारी हेतु संपर्क करे -
9009717267,9009717260,6264948390
#ssstsssamiti

सिहोरा में विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, 200 से अधिक मरीजों को मिला लाभ

माननीय संतोष वरकड़े जी के मार्गदर्शन में दिनांक 30/03/2026 सिविल अस्पताल सिहोरा में विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। यह शिव...